बीट निरीक्षक भोईर बिल्डरों पर मेहरबान पांच मंजिला अवैध इमारत बनने के बाद भी नही दर्ज करवाया पुलिस केस

भिवंडी।। भिवंडी पालिका क्षेत्र अंर्तगत विभिन्न प्रभाग समितियों में लगभग 150 अवैध इमारतें निर्माणाधीन है। इनमें तो कई गगनचुम्बी इमारतें है। ताजुब्ब की बात यह है कि प्रभाग समितियों के शहर विकास विभाग में कार्यरत लिपिक, सफाई कर्मचारी दर्जे के क्षेत्राधिकारी / बीट निरीक्षक अवैध इमारत बनाने वाले भूमाफिया व जमीन मालिकों पर पुलिस केस नही दर्ज करवाते। जिसके कारण भूमाफिया बेखौफ होकर अपनी अवैध इमारतें निर्माण करते रहते है। ऐसे इमारतें मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बनाई जाती है। यहां पर बिल्डर आसानी से सस्ते भाव में अपना माल बेंचकर भाग जाते है। 

प्रभाग समिति क्रमांक एक अंर्तगत नागांव -2 नागांव पाडा,पालिका स्कूल नंबर 70 के पास रईस अहमद जलालुद्दीन शकील अहमद जलालूद्दीन अंसारी व इतर चार ने अपने पुराने मकान नं. 75/1,2,3,4,4 (अ) को एक वर्ष पूर्व तोड़ कर स्थानीय पालिका प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए किसी प्रकार की अनुमति ना लेते हुए 2 गगनचुम्बी इमारतें बनाना शुरू किया था। सुत्रों के माने तो केवल प्रभाग के शहर विकास विभाग को बिल्डर  शोहेल व उनका साथी बिल्डर ने मैनेज कर एक वर्ष के भीतर तल अधिक पांच मंजिला व तल अधिक चार मंजिला इमारत का बांधकाम पूरा कर लिया। इस क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी / बीट निरीक्षक विराज भोईर इसी प्रभाग में पिछले आठ सालों से एक ही पद पर व एक ही कुर्सी पर विराजमान है। इसके बावजूद इनके क्षेत्र में गगनचुम्बी इमारतें बनना इनके कार्यशैली पर प्रश्न निर्माण करता है। सुत्रों की माने तो क्षेत्राधिकार की पहुँच शीर्ष नेताओं तक होने के कारण पालिका आयुक्त भी इनकी बदली व इनके खिलाफ कार्रवाई करने का साहस नहीं करतें। इसके आलावा भूमाफिया व बिल्डरों से इनकी यारी दोस्ती होने से नाते अवैध इमारतों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करते, यहां तक उनके बांधकाम के खिलाफ पुलिस थाना में केस भी नहीं दर्ज करवाते और ना ही इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देते है।

उक्त अवैध इमारत की जानकारी पालिका के एक वरिष्ठ अधिकारी को मिली थी। उन्होंने इमारत का  विडियो बनाकर आयुक्त को दिखाया। इसके बाद ही इस इमारत पर कार्रवाई हुई। ऐसी चर्चा पालिका के गलियारे में गूंज रही है। इसी प्रभाग क्षेत्र के गुलजार नगर, नागांव, बाला कंपाउड में भी सात - सात मंजिला अवैध इमारतें निर्माणाधीन अवस्था में है। पालिका आयुक्त क्या उन इमारतों पर इसी तरह कार्रवाई करवाऐगे। इस प्रकार का सवाल अब जागरूक नागरिकों ने उठाना शुरू कर दिया है।

रिपोर्टर

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