शहर के स्लम बस्तियों का विकास किया जाए तो शहर को बहुत महत्व मिलेगा -- आयुक्त अजय वैद्य

भिवंडी।। मुंबई महानगर प्रदेश स्लम पुनर्वास प्राधिकरण की स्लम पुनर्विकास योजना से भिवंडी शहर को लाभ होगा। भिवंडी जैसा शहर ठाणे और मुंबई के करीब है। इसलिए इस शहर का विकास बहुत बड़े पैमाने पर होने की उम्मीद है। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। शहर में बड़ी संख्या में झुग्गियां है। स्लम क्षेत्र को अच्छी तरह से विकसित करने की जरूरत है। अगर शहर में स्लम पुनर्वास योजना को अच्छी तरह से लागू किया जाता है, तो भिवंडी शहर निश्चित रूप से बदल जाएगा। भिवंडी निज़ामपुर सिटी मेट्रोपॉलिटन एरिया में पुनर्वास योजना को लेकर महानगरपालिका क्षेत्र स्लम पुनर्वास प्राधिकरण की ओर से मनपा मुख्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में आयुक्त अजय वैद्य बोल रहे थे। 

प्रशासक एवं आयुक्त ने कहा कि मुंबई, ठाणे शहर से निकटता और प्रमुख राजमार्गों के सड़क नेटवर्क के कारण,परिवहन सुविधाएं भी अच्छी हैं। इसलिए भिवंडी जैसे शहर में झुग्गी पुनर्वास बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। इसे लागू करना आवश्यक है। इस शहर में स्लम पुनर्वास योजना अधिक प्रभावी हो, इसलिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इससे सरकार, महानगर पालिका और यहां के नागरिकों को भी लाभ मिलेगा। स्लम बस्तियों के विकास के दौरान जो स्थान खाली किये जायेंगे वे शहर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए उपलब्ध होंगे और शहर में सुनियोजित एवं सुनियोजित विकास करना संभव हो सकेगा। 

इस अवसर पर मुंबई महानगर पालिका के स्लम पुनर्वास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमन, उप मुख्य अभियंता नितिन पवार, डिप्टी कलेक्टर वैशाली ठाकुर, राजकुमार पवार कार्यकारी अभियंता, स्मिता मोहिते तहसीलदार मुंबई महानगर क्षेत्र स्लम पुनर्वास प्राधिकरण, गजानन भोईर सहकारी अधिकारी, नीलेश सावंत वास्तु विशारद ठाणे, मनपा के अतिरिक्त आयुक्त विठ्ठल डाके, ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान टाउन प्लानर स्पेशल यूनिट स्मिता कल्कुटकी, सहायक निदेशक टाउन प्लानिंग अनिल एलमाने आदि अधिकारी उपस्थित  थे।

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