भिवंडी में राकांपा का कोई वजूद नहीं, राकांपा दो भाग में बंटी हुई है : मोमिन

नई निशानी को लेकर शहर वासियों के पास नहीं जा सकते है --भिवंडी कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व विधायक रसीद ताहिर मोमिन का दावा 

भिवंडी।। भिवंडी लोकसभा सीट राकांपा शरदचंद्र पवार गट में जाने की चर्चाओं से भिवंडी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं में हड़कप मचा हुआ है। इस सीट को अपनी परंपरागत सीट का दावा करते हुए भिवंडी शहर कांग्रेस पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष व पूर्व विधायक रसीद ताहिर मोमिन ने कहा कि भिवंडी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कोई वजूद नहीं है। पार्टी दो भागों में विभाजित है। भिवंडी पालिका में एक भी नगरसेवक अथवा किसी गांव में एक भी सरपंच नहीं। इसके बावजूद कुछ लोग इस सीट पर दावा करते हुए प्रचार प्रसार कर रहे है। नई निशानी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्त्ता शहर वासियों के पास नहीं जा सकते।‌ मतदाता पंजा निशानी को ईवीएम मशीन में ढूंढेगें। अभी तक उम्मीदवार की घोषणा ना होने से कार्यकर्ता असमंजस की स्थिति में है। इसके साथ साथ उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का निशानी सिर्फ पंजा होना चाहिए। 

गौरतलब हो भिवंडी लोकसभा सीट राकांपा खेमे में जाने की चर्चा शहर में जोरशोर से शुरू है। इसके लिए राकांपा ( शरदचंद्र पवार गट) के ठाणे जिला अध्यक्ष सुरेश (बाल्या मामा) म्हात्रे ने अपनी उम्मीदवारी जाहिर करते हुए प्रचार व प्रसार भी शुरू कर दिया है। वही पर कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारों ने इस सीट को अपनी परंपरागत सीट का दावा ठोकते हुए आज भिवंडी कांग्रेस पार्टी मुख्यालय पर शहर अध्यक्ष एडवोकेट रसीद ताहिर मोमिन के नेतृत्व में जमकर नारेबाजी की और इस सीट पर कांग्रेस पार्टी निशानी वाला पंजा पर उम्मीदवार उतारने की मांग की। शहर अध्यक्ष रसीद ताहिर मोमिन ने बताया कि इंडिया का गठबंधन होने के बाद पार्टी की बैठक हुई थी। जिसमें फैसला लिया गया था यह सीट कांग्रेस पार्टी की परंपरागत सीट है। दामू बारकू सिंगडा इस सीट से तीस साल तक कांग्रेस पार्टी के सांसद रहे। उसके बाद 2009 में कांग्रेस पार्टी ने इस सीट पर पुनः अपना परचम लहराते हुए सुरेश टावरे ने पंजा निशानी पर जीत दर्ज की थी। किन्तु दुर्भाग्यवश 2014 व 2019 के चुनावों में हार मिली। किन्तु जिनका कुछ अस्तित्व नहीं वों लोग इस सीट से दावेवारी कर रहे है। यह सीट कांग्रेस पार्टी की है और उम्मीदवार पंजा निशानी वाला होना चाहिए। इस अवसर पर शहर अध्यक्ष राशिद ताहिर मोमिन,शोहेल खान, मुन्ना भाई, डाॅ. जुबेर ,कांग्रेस पदाधिकारी पंकज गायकवाड़, वीरेन चोरघे, देवेन भेरे, जान्हवी देशमुख, रुकसाना कुरेशी, अमीर खान, सोमनाथ मिरकुटे, अराफात खान, जावेद खान, अर्शी आजमी, सिद्धेश्वर कामूर्ति, अनंता पाटिल, दुर्गेश नाइक शामिल हुए।

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