
107 पुरानी लावारिस वाहन मालिकों की तलाश
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 15, 2024
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भिवंडी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के किनारे पुरानी लावारिस गाडियां आऐ दिन पड़ी दिखाई पड़ती है। पुलिस प्रशासन ने इन लावारिस वाहन मालिकों की तलाश करने के लिए निर्देश दिये थें तदुपरांत ठाणे पुलिस परिमंडल दो भिवंडी अंर्तगत निजामपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र आव्हाड ने एक धर्मार्थ संगठन की मदद से 107 वाहन मालिकों की तलाश की है। इस प्रकार की जानकारी उन्होंने 15 अगस्त के दिन पत्रकार परिषद आयोजित कर दी है।
बतादें कि 2005 से अब तक निज़ामपुरा पुलिस स्टेशन में पंजीकृत अपराध तथा दुर्घटनाओं में कुल 107 वाहन जब्त किये गये थे। जिसमें 88 दोपहिया वाहन,13 चार पहिया वाहन और 6 ऑटो रिक्शा का समावेश था। पिछले कई वर्षो से जब्त किये गये सभी वाहन पुलिस स्टेशन परिसर में धूल खाती पड़ी थी। जिसके कारण स्वास्थ्य को धोखा उत्पन्न हो सकता था। पुणे जिले के तलेगांव स्थित गंगामाता वाहन तलाश संगठना ने इन इन लावारिस वाहनों के मालिकों की तलाश करने के लिए अग्रसर थी। संस्था के अध्यक्ष राम उदावंत,पुलिस निरीक्षक (अपराध) दीपक शेलार,सहायक पुलिस निरीक्षक चव्हाण,पुलिस उप निरीक्षक बडगिरे,मुद्देमाल लिपिक लोहार की सहायता से प्रत्येक वाहनों का निरीक्षण कर उनके पंजीयन क्रमांक,गाड़ियों के चेसिस और इंजन नंबर की जांच कर महज दो दिनों में 107 गाड़ियों के असली मालिकों का पता लगा लिया गया है। निज़ामपुरा पुलिस ने संबंधित वाहन मालिकों से संपर्क किया है और उनसे अनुरोध किया है कि वे पुलिस स्टेशन आकर अपने वाहनों की जांचकर ले जाऐ। यादि वें उन्हें अपने कब्जे में नहीं लेते हैं तो कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें नीलाम कर दिया जाएगा और निलामी में प्राप्त राशि सरकारी खजाने में जमा कर दिया जायेगा।
संस्था के अध्यक्ष राम उदावंत ने बताया कि वाहन मालिकों की खोज के लिए सबसे पहले वाहन के चेसिस और इंजन नंबर को सूचीबद्ध किया जाता है और उसके बाद वाहन को परित्यक्त, दुर्घटना और अपराध की श्रेणी में बांटा जाता है। उसके बाद वाहन मालिकों के मूल पते की तलाश की जाती है अनेक वाहन मालिकों का पुराना पता होने के कारण उनकी तलाश नहीं हो पाती है। ऐसी स्थिति में वाहन की विस्तृत जानकारी जुटाई जाती है और मूल मालिक तक पहुंचने का प्रयास किया जाता है।
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