भिवंडी में ड्रग्स का गढ़ ! भारी मात्रा में गांजा और एमडी ड्रग्स बरामद

युवाओं को नशे की आग में धकेलने की साजिश बेनकाब


भिवंडी। भिवंडी शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नशे का जाल बिछाने की साजिश का खुलासा हुआ है। हाल ही में हुई दो बड़ी पुलिस कार्रवाइयों में गांजा और खतरनाक एमडी ड्रग्स (मैफेड्रोन) की बड़ी खेप बरामद की गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि नशे के सौदागर युवाओं को इस जहर की गिरफ्त में धकेल रहे हैं।

पहली छापेमारी में शांतिनगर पुलिस ने गायत्रीनगर, न्यु आज़ाद नगर की एक चॉल पर धावा बोलते हुए 3 किलो गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 90,000 रुपये बताई गई है। पुलिस ने 19 वर्षीय आरिफ अबरार अहमद सिद्दीकी को मौके पर गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से गांजे की तस्करी में लिप्त था। इस मामले की जांच अब सहायक पुलिस निरीक्षक सर्जेराव पाटिल कर रहे हैं।

दूसरी सनसनीखेज कार्रवाई में भिवंडी क्राइम ब्रांच यूनिट-02 ने कल्याण नाका स्थित साक्रादेवी मंदिर के पीछे एक गली में एमडी ड्रग्स की बिक्री के लिए आए अरसलान उर्फ जम्मान अब्दुल सलाम अंसारी (26) को रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस ने उसके पास से 65 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की, जिसकी कीमत 1,95,000 रुपये आंकी गई है। इस पूरे मामले में 2,05,000 रुपये का नशीला पदार्थ व अन्य सामग्री जब्त किया गया है।

भिवंडी में ड्रग्स का जाल और पुलिस की चुनौती ::::

इन कार्रवाइयों से साफ हो गया है कि भिवंडी में नशे का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है और युवाओं को इसकी गिरफ्त में लाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। पुलिस लगातार कोशिश कर रही है कि इस अवैध धंधे को खत्म किया जाए, लेकिन हर नई कार्रवाई के साथ यह बात सामने आ रही है कि ड्रग माफिया शहर में अपना प्रभाव जमाए हुए है।

क्या भिवंडी बच पाएगा इस नशे के शिकंजे से?

भिवंडी में बढ़ती नशे की लत और ड्रग्स की तस्करी पर नकेल कसना अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। क्या पुलिस इन अपराधियों पर शिकंजा कसने में सफल होगी, या भिवंडी के युवा नशे की इस दलदल में और गहराई तक धसते चले जाएंगे?

रिपोर्टर

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